मनरेगा कानून में बदलाव केंद्र सरकार की गरीबों के प्रति दुर्भावना से प्रेरित: राजेश राम

पटना महानगर कांग्रेस कमिटी के द्वारा आज नेशनल हाल कदमकुंआ में आयोजित मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम के अंतर्गत उपवास सत्याग्रह कार्यक्रम के तहत एकदिवसीय उपवास का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम और अध्यक्षता पटना महानगर कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष शशि रंजन ने किया।

मनरेगा कानून में बदलाव केंद्र सरकार की गरीबों के प्रति दुर्भावना से प्रेरित: राजेश राम
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पटना महानगर कांग्रेस कमिटी  के द्वारा आज नेशनल हाल कदमकुंआ में आयोजित मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम के अंतर्गत उपवास सत्याग्रह कार्यक्रम के तहत एकदिवसीय उपवास का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम और अध्यक्षता पटना महानगर कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष शशि रंजन ने किया।

उपवास सत्याग्रह के समापन के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि मनरेगा देश के गरीब और श्रमिक वर्ग का कानूनी अधिकार है। इसके नाम या स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ कांग्रेस किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने इस योजना को लागू कर ग्रामीण गरीबों को रोजगार की गारंटी दी, जिससे बेरोजगारी, भुखमरी और मजबूरी में होने वाले पलायन पर प्रभावी रोक लगी।

प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण यह ऐतिहासिक योजना कमजोर होती जा रही है और नाम बदलने के साथ इसके मूल आत्मा को बदलने का प्रयास संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना के खिलाफ है। उन्होंने मजदूरों के सवाल उठाते हुए कहा कि मजदूरी समय पर क्यों नहीं मिल रही, काम के अवसर क्यों घटाए जा रहे हैं और बजट में लगातार कटौती क्यों की जा रही है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पटना महानगर अध्यक्ष शशि रंजन ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम के साथ राजनीतिक प्रयोग लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है और केंद्र सरकार गरीबों के अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसने गरीबों को काम के साथ सम्मान दिया, इसके मूल स्वरूप से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।  सरकार के समक्ष प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि मनरेगा का नाम एवं स्वरूप यथावत रखा जाए, योजना को कमजोर करने के प्रयास बंद हों, मजदूरों को समय पर पूरी मजदूरी मिले, काम मांगने पर काम देने की कानूनी व्यवस्था सख्ती से लागू की जाए तथा बजट में पर्याप्त वृद्धि की जाए।

उन्होंने आगे की रणनीति की जानकारी देते हुए बताया कि 12 जनवरी से 29 जनवरी 2026 तक जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में चौपाल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां मनरेगा मजदूर एवं कांग्रेस कार्यकर्ता भारत के राष्ट्रपति के नाम पोस्टकार्ड भेजकर योजना को मजबूत बनाए रखने की मांग करेंगे। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा के साथ छेड़छाड़ जारी रही तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर संसद तक निर्णायक संघर्ष करेगी।

इस अवसर पर पटना महानगर कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष शशि रंजन, महानगर कांग्रेस कमिटी के पर्यवेक्षक रौशन कुमार सिंह, शशांत शेखर, इन्द्रदीप चन्द्रवंशी, डा0 संजय यादव, निशांत करपटने, डा0 परवेज हुसैन, विकास वर्मा, शिवम राज, पवन केसरी, अभय कुमार जायसवाल, हेमन्त चर्तुवेदी, राजेश कुमार, चंदन कुमार, मंटू कुमार, राजीव मेहता, मनोज मंडल, रूमा सिंह सहित अन्य नेतागण मौजूद रहें।

पटना से कुमार गौतम की रिपोर्ट